AISF Bihar did a Raj Bhavan March on burning issues of Education

आज बिहार में ब्याप्त शैक्षणिक अराजकता के खिलाफ AISF ने किया आक्रोशपूर्ण राजभवन मार्च

ऑल इंडिया स्टूडेण्ट्स फेडरेशन ने आज शौक्षfb_img_1532453670147 fb_img_1532453653265 fb_img_1532453662829 img-20180724-wa0008 fb_img_1532453679671 img-20180724-wa0010णिक अराजकता समते कई मुद्दों पर राजभवन मार्च किया। मार्च में राज्य भर से आए बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल थे। राजधानी के पटना काॅलेज ग्राउंड से निकला राजभवन मार्च अशोक राजपथ, बीएन काॅलेज, कारगिल चैक होते हुए गांधी मैदान पहुंचा। जहां जेपी गोलंबर के बार बड़ी संख्या में तैनात पुलिसकर्मियों ने छात्रों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान छात्रों एवं पुलिसकर्मियों के बीच नोकझोंक भी हुई। जिसके बाद छात्र वहीं पर बैठ गए। मौके पर सभा को संबोधित करते हुए एआईएसएफ के राज्य सचिव सुशील कुमार ने कहा कि राजभवन एवं राज्य की सरकार ने बिहार के विश्वविद्यालयों को पंगू बनाने के लिए एक अजूबा फैसला लिया है। जो बिहार बोर्ड मैट्रिक एवं इंटर परीक्षा लेने में नाकाम रहा है वह अब बिहार के कॉलेजों में कौन छात्र कहां पढ़ेगा यह तय कर रहा है। यह विश्वविद्यालय की स्वायत्तता पर बड़ा हमला है। बिहार के कुलाधिपति को छात्र समस्याओं पर मिलने के लिए तीन पत्र भेजा गया है लेकिन कुलाधिपति ने मिलने का समय नहीं दिया है वे केवल एबीभीपी के नेताओं से मिलते हैं जिनको छात्रहितों से कोई मतलब नहीं रहा है। इससे पूरे राज्य के छात्र गुस्से में हैं। राज्य सह सचिव रंजीत पंडित ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार शिक्षा के व्यवसायकरण कर केवल पैसे वालों के लिए शिक्षा सिमित करना चाहती है। बी एड में बी एड की फीस हाई कोर्ट ने पौने दो लाख कर दिया।राज्य सरकार को तत्काल मामले को डबल बेंच में ले जाना चाहिए। वही यूजीसी को खत्म करने की साजिश कर पूरे वित्तिय मामले को एम एच आर डी के हवाले करने का खतरनाक खेल खेला जा रहा है। राज्य उपाध्यक्ष सुशील उमराज ने राज्य के अंदर शिक्षक कर्मचारियों की रिक्त पदों पर स्थायी बहाली की मांग करते हुए कहा कि पूरे राज्य में शैक्षणिक व्यवस्था थप है सेशन दो-तीन साल तक लेट चल रहा है, परीक्षाफल हर साल गड़बड़ी होना तय है और राजभवन इसे रोक पाने में विफल रहा है। मगध महिला काॅलेज की काउंसिलर भाग्य भारती ने कहा कि राज्य की सरकार ने सभी छात्राओं एवं एससी/एसटी के छात्रों को पी जी तक मुफ्त शिक्षा का आदेश दे रखा है लेकिन कॉलेजों में मोटी रकम की वसूली जारी है और सरकार मौन है। पटना जिला सचिव जन्मेजय कुमार ने कहा कि राज्य के अंदर प्रतियोगी परीक्षाओं की तिथि नही आ रही है। मोदी और नीतीश की डबल इंजन की सरकार बेरोजगारों पर कहर बरसा रही है। एसएससी की इंटर स्तरीय परीक्षा लंबित है। पिछले दिनों हुए प्रीतियोगी परीक्षाओं में धांधली रोक पाने में सरकार नाकाम रही है। छात्र नेताओं ने एक स्वर में कहा कि सरकार चेत जाए और छात्र हित में फैसला ले अन्यथा पुरे राज्य के अंदर में उग्र आंदोलन के लिए तैयार रहे। आनेवाले दिनों में सभी संगठनों को छात्र हित के मसलों को लेकर एक मंच पर आने की अपील करते हुए राज्य सरकार को कहा कि सरकार जेल का फाटक पूरे राज्य के अंदर खोल दे। छात्रों के उग्र तेवर को देखते हुए मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारी वार्ता के लिए राजभवन से संपर्क कर रहे थे। प्रदर्शन में प्रदेश उपाध्यक्ष कुमार जितेंद्र, विकास झा, दरभंगा से मृत्युंजय मृणाल, पटना जिला अध्यक्ष अक्षय कुमार,जिला सह-सचिव अनुष्का आर्या, अभिषेक राज , जिला उपाध्यक्षा रोमा कुुमारी, राहुल कुमार, अफरोज, सैफ ,मौर्य सिंह, राकेश , मुकेश महेश कुमार समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल थे।

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