कन्हैया की गिरफ्तारी ने ABVP, संघ और वर्तमान सरकार के स्पष्ट चेहरे को सामने ला दिया है। यह गिरफ़्तारी JNU के भविष्य और देश के लोकतंत्र के लिये खतरा। AISF राष्ट्रीय परिषद इसकी घोर निंदा करती है।

कन्हैया की गिरफ्तारी ने ABVP, संघ और वर्तमान सरकार के स्पष्ट चेहरे को सामने ला दिया है। यह गिरफ़्तारी JNU के भविष्य और देश के लोकतंत्र के लिये खतरा। AISF राष्ट्रीय परिषद इसकी घोर निंदा करती है।

नई दिल्ली:- ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन की राष्ट्रीय परिषद ने जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की गिरफ्तारी एवं पिछले दो दिनों से ABVP एवं वर्तमान भाजपा सरकार की और से जो JNU को बद्नाम करने की शाजिशें रची जा रही है उसका घोर निंदा करती है।
जैसा की हमसब और पूरे देश की जनता JNU के इतिहास एवम् उसकी प्रगतिशील परंपरा को जानते है जो की दशकों से संघ परिवार और आज की वर्तमान सरकार के लिए लगातार चुनोती बनी हुयी है। उसी का परिणाम था कि संघ नेता सुब्रमण्यम स्वामी एवम् उसका मुख्य पत्र पञ्चजन्य ने आज से पांच महिने पहले हीं JNU को आतंकबाद का गढ़ कहा था और देश में राष्ट्रविरोधी गतिविधियों का केंद्र कहा था। और आज जब देश रोहित को न्याय की मांग कर रही है तो ABVP के हुड़दंग एवम् कुछ अज्ञात, नकबपोस चेहरे के नारे का बहाना बना JNU को पूनः बदनाम करने, वहां के लोकतांत्रिक माहोल को खत्म करने और छात्र आंदोलन को दमित करने का प्रयास कर रही है।
AISF कन्हैया की गिरफ़्तारी और इस पूरे घटना क्रम में ABVP, संघ, पूर्वी दिल्ली के भाजपा संसद महेश गिरी और आज के गृहमंत्री की करवायी जाहिर करती है कि JNU को बड़ी साजिश का हिस्सा बना वहां के लोकतांत्रिक माँहोल एवम् आंदोलनों को खत्म करने का प्रयाश है जिसे देश के विद्यार्थियों एवम् जनता को पूरी तरह वेनकाब करते हुए JNU एवम् देश के लोकतंत्र के रक्छा की अपील करते हैं।
इसके साथ उन अज्ञात नकबपोस लोगों के नारों की निंदा करते हुए सरकार से उनकी पहचान कर फॉरन गिरफ़्तारी की मांग करते हैं। हमें ताज्जुब है कि जो लोग वर्षों से खुले में नारे लगते हुए देश एवम् देश की जनता के सवालों को उठाते रहे, और जो उस संगठन से जुड़ा है जो देश को आजाद करने के लिए असंख्य कुर्बानियां दी उस संगठन के नेता को देशद्रोही के आरोप मेँ गिरफ्तार किया गया है और हुड़दंग करने बाले, हमला करने बाले और नकबपोस खुले घूम रहे हैं।
विश्वजीत कुमार
महासचिव
AISF

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3 Responses

  1. SHARMAAYUSH says:

    FREEDOM OF SPEECH NOT GIVE RIGHT TO POT RATE HAFIZ SAEED ND AFJAL GURU AS A SHAEED IT AND NOT GIVE RIGHT TO DESTROY INDIA ,,YOUR ORGANIZATION ORGANISED BEEF PARTY ,ABUSE HINDU BELIEFS..SHAME ON U …BY THE WAY ,ISIS ,ISI ARE REALLY HAPPY TO SEE OUR SITUATION. …AND MY REAL QUESTION IS THAT WHAT CHANGE YOU BROUGHT IN INDIA ..NOTHING NULL NO STATE EXCEPT TRIPURA(RESPECT TO GREAT LEADER SARKAR) YOU WIN A ELECTION……IMPORTED IDEAS OF FOREIGN NOT FERTILE IN INDIA BECAUSE SWADESI SEEED ALWAYS REMAIN SWADESI …..YOU SEE EXAMPLE IN 2014 IN GENERAL ELECTION.

  2. JANAGANAVADI BHARAT says:

    Media is fooding and lodging by the aid of running Government. The position of Judiciary and Executive is the same as they are being paid by the Government. Legislature is also suffering from same virus and being paid by the Government. 80% of the society is effected by said virus. As per running Parliamentary Government, India is Democratic and Speaches and Nara by Kanhaiya Kumar was undemocratic and against Hindustan/Bharat is sedition and offence under law is wholly illegal, unconstitutional and without jurisdiction and the said Government has no right of investigation and prosecution in the case and therefore the Kanhaiya Kumar may be Scott Free from arrest and detention by Hon’ble Supreme Court within days.

    A. P. N. GIRI
    Advocate High Court Allahabad.

    Noticeable here, Against the Parliamentary Democratic, India i.e. Bharat is Democratic Republic. The Executive commonly known as Government, is distinguish and different from Parliament and Judiciary. Let us know the first person of India amongst all is the Government. Group of person or any Council was never the Government. If it would be, then the system shall always biased injurious to common people. However Ka

  3. JANAGANAVADI BHARAT says:

    Actually no body knows the Government of India by and under the Constitution is true. The noble people of the society are in consonance with the running Government constituted after each general election as to day it is Formed by Hon’ble Modijee by constituting his Council which is responsible to House of People. The Government is Democratic Government. Such pertention in mind is contrary to the basic structure of the Constitution as illustrated by Apex Court in 19973 and against the bare provision of the Constitution of India. The Constitution of India will prevail. The Government contrary to the Constitution of India will never prevail.
    Thanks.

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